अग्निसंदीपन रस Agnisandipan Ras Detail and Uses in Hindi

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अग्निसंदीपन रस एक आयुर्वेदिक दवा है। इसे पाचन से संबंधित समस्याओं के इलाज में प्रयोग किया जाता है। यह अग्नि या जठराग्नि को उत्तेजित करता है। यह पाचन की कमजोरी, सूजन, भारीपन, हाइपरएसिडिटी,गुल्म, पेट में दर्द आदि में दी जाती है। इसके सेवन से मन्दाग्नि, अजीर्ण, अम्लपित्त, शूल, गोला आदि से राहत मिलती है।

यह एक रस-औषधि है जिसमें रस, पारा है। पारे को ही आयुर्वेद में रस या पारद कहा जाता है और बहुत सी दवाओं के निर्माण में प्रयोग किया जाता है। पारा एक विषाक्त धातु है और इसे आयुर्वेद में केवल सही प्रकार से शोधित कर के ही इस्तेमाल किया जाता है। रस औषधियां शरीर पर शीघ्र प्रभाव डालती हैं। इसमें डॉक्टर की देख-रेख में ही लेना सही रहता है।

Agnisandeepan Ras is an Ayurvedic medicine useful in treating digestion related problems. Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

अग्निसंदीपन रस के घटक Ingredients of Agnisandipan Ras

शुद्ध (purified) पारद 12 grams, शुद्ध गंधक 12 grams

12 grams each पिप्पली, पिप्पलीमूल, चव्य, चित्रक -मूल, चित्रक-त्वक, शुंठी, मरीचा, पांच -लवण /फाइव साल्ट्स (सैंधव लवण, समुद्र लवण, बीड लवण, सौरविचल लवण, लवण 12 grams each), यव -क्षार, सज्जी -क्षार, शुद्ध टंकण, सफ़ेद जीरक, कृष्ण -जीरक, अजवाइन, वाचा, सौंफ, शुद्ध हिंगू, जातिफल, कुटकी, जातिपत्र जावित्री, दालचीनी, तेजपत्ता, इलाइची, लवंग, हरीतकी फल, अम्लिका क्षार, अपामार्ग क्षार, शुद्ध वत्सनाभ, लोह भस्म, वांग भस्म, अभ्रक भस्म;

अम्लवेतस 24 grams and शंख भस्म 48 grams;

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भावना -द्रव्य : पंचकोल, चित्रक स्वरस,अपामार्ग स्वरस, जम्बीरी निम्बू जूस।

अग्निसंदीपन रस के लाभ Benefits of Agnisandipan Ras

  1. यह रसायन पाचन अग्नि की कमजोरी को दूर करता है।
  2. अधिक भोजन खाने से या गरिष्ठ भोजन खाने से होने वाली बेचैनी इससे दूर होती है।
  3. इसके सेवन से मुंह में खट्टा पानी आना, पेट दर्द, आदि की शिकायतें दूर होती है।
  4. खाना अच्छी तरह हज़म होने में यह मदद करता है।

अग्निसंदीपन रस के चिकित्सीय उपयोग Uses of Agnisandipan Ras

  1. पाचन की कमजोरी impaired digestion
  2. मन्दाग्नि, अपच Indigestion
  3. बिगड़ा हुआ पाचन
  4. Hyperacidity
  5. जी मिचलाना और उल्टी Nausea, vomiting
  6. गुल्म, वायु गोला, पेट का फूला होना Gulma
  7. मन्दाग्नि

सेवन विधि और मात्रा Dosage of Agnisandipan Ras

1-2 गोलियाँ दिन में दो बार पानी के साथ या चिकित्सक द्वारा निर्देशित के रूप में।

Hyperacidity में, यह एक दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ 1 गोली, की खुराक में दी जाती है। क्रोनिक hyperacidity के लिए, यह अजवाइन अर्क या सौंफ अर्क के साथ दी जाती है।

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

This medicine is manufactured by Baidyanath.

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