सूरजमुखी Sunflower Helianthus annuus in Hindi

सूरजमुखी को हिंदी में हुरहुल, संस्कृत में सूर्यमुखी, सूर्य्यवितं, सुवन्चला तथा अंग्रेजी में सनफ्लावर कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम हेलिएन्थस एनस Helianthus annuus है और यह कंपोजिटी परिवार का पौधा है।

सूरजमुखी का पौधा अपने बड़े पीले पुष्पों के लिए उद्यानों में लगाया जाता है। इसकी बड़े पैमाने पर खेती इसके बीजों के लिए की जाती है। बीजों का सेवन स्नैक्स की तरह किया जाता है लेकिन इन्हें मुख्य रूप से तेल निकालने के लिए ही प्रयोग करते है। सूरजमुखी का तेल भोजन बनाने में कुकिंग आयल की तरह और सौंदर्य तेल, साबुन आदि में भी किया जाता है। सूरजमुखी का तेल हल्का होता है और इसमें लिनोलेइक एसिड, ओलिक एसिड, और पामिटिक एसिड पाए जाते हैं। इसमें उच्च मात्रा में विटामिन E, A और D भी होते हैं। यह खून में कोलेस्ट्रोल को बढ़ने से रोकता है।

sunflower medicinal uses

सूरजमुखी एक औषधीय वनस्पति भी है। इसके पत्ते, बीज, पुष्प सभी का औषधीय प्रयोग किया जाता है। यह स्वभाव से उष्ण और स्वाद में चरपरा माना गया है। यह ज्वरनाशक, कृमिनाशक, कफ विकार, चमड़ी के रोगों, पथरी, पेशाब के रोगों, कब्ज़, आदि में लाभप्रद है। इसके बीज पौष्टिक होते हैं और शरीर को ताकत देते है। बीजों में लोहा, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और जिंक पाया जाता है। इनको स्नैक की तरह खाया जाता है। वज़न कम करने के लिए बीजों को डाइट में शामिल किया जाता है क्योंकि यह फाइबर और प्रोटीन युक्त है तथा शरीर में आवश्यक पोषक पदार्थों की कमी नहीं होने देते। बीजों से जो तेल निकालता है उसे भी दवाई की तरह प्रयोग किया जाता है। पुष्प और कलियों में जिंक, विटामिन E, बीटाकैरोटीन, बी विटामिन (B1, B2, B3, B6),मैगनिशियम, मैंगनीज और क्रोमियम पाया जाता है।

सूरजमुखी को आंतरिक प्रयोगों के साथ-साथ बाह्य रूप से लगाया जाता है।

सामान्य जानकारी

सूरजमुखी का पौधा मध्य – दक्षिणी अमेरिका का मूल निवासी है। पेरू में इसकी खेती करीब ३००० हज़ार साल पहले सेकी जाती रही है। प्राचीन पेरू में इसे सूर्य का प्रतीक माना गया। इसे मेरीगोल्ड ऑफ़ पेरू भी कहा जाता है।

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सूरजमुखी एक वार्षिक पौधा है तथा इसकी उंचाई एक से तीन मीटर हो सकती है। इनका तना सीधा होता है। पत्ते खुरदरे और रोयेंदार होते हैं। भारत में सूरजमुखी की बुवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में की जाती है। इसकी खेती के लिए अच्छी तरह की निकासी वाली और उर्वरक भूमि चाहिए। खेती के समय प्रत्येक हेक्टेयर में 80kg नाइट्रोजन, 60kg फोस्फोरस और 40kg पोटाश डाला जाता है। इसे बढ़ने के लिए पूरे दिन धूप की ज़रूरत है। बीजों की बुवाई के बीस-पच्चीस दिन बाद पहली सिंचाई की जाती है। बाद में फूल और बीज होते समय प्रयाप्त मात्रा में सिंचाई ज़रूरी है।

भारत में महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक सूरजमुखी की खेती की जाती है।

  • वानस्पतिक नाम: हेलिएन्थस एनस
  • कुल (Family): कम्पोजिटी
  • औषधीय उद्देश्य के लिए इस्तेमाल भाग: पत्ते, बीज, तेल
  • पौधे का प्रकार: झाड़ी
  • वितरण: पूरे भारत में इसे उगाया जाता है।
  • पर्यावास: गर्म प्रदेश
  • सूरजमुखी के स्थानीय नाम / Synonyms
  • वैज्ञानिक : Helianthus annuus
  • संस्कृत : Adityabhakta, Suryamukhi, Suvarchala
  • इंग्लिश : Sunflower, Common sunflower, Annual sunflower, wild sunflower
  • कन्नड़ : Sooryamukhi, Sooryakanthi
  • मलयालम : Sooryakanthi
  • तमिल : Suryakanti

वैज्ञानिक वर्गीकरण Scientific Classification

  • किंगडम Kingdom: प्लांटी Plantae – Plants
  • सबकिंगडम Subkingdom: ट्रेकियोबाईओन्टा Tracheobionta संवहनी पौधे
  • सुपरडिवीज़न Superdivision: स्परमेटोफाईटा बीज वाले पौधे
  • डिवीज़न Division: मग्नोलिओफाईटा – Flowering plants फूल वाले पौधे
  • क्लास Class: मग्नोलिओप्सीडा – द्विबीजपत्री
  • सबक्लास Subclass: एस्टीरिडेएइ Asteridae
  • आर्डर Order: ऐस्टेरेल्स Asterales
  • परिवार Family: ऐस्टेरेसिएई Asteraceae ⁄ Compositae – Aster family
  • जीनस Genus: हेलिएन्थस Helianthus
  • प्रजाति Species: हेलिएन्थस एनस Helianthus annuus

सूरजमुखी के बीज के लाभ Benefits and Nutrition of Sunflower Seeds

सूरज मुखी के बीजों में बीस से तीस प्रतिशत प्रोटीन और करीब चालीस प्रतिशत फैट होता है। इसमें लोहा, बी विटामिन, ऐ विटामिन, कैल्शियम, कॉपर और फॉस्फोरस भी पाए जाते हैं। सूरजमुखी के बीजों के सेवन से शरीर में ताकत आती है और इम्युनिटी बढ़ती है। बीजों का सेवन अनीमिया को दूर करता है और शरीर के लिए ज़रूरी फैटी एसिड्स देता है।

सूरजमुखी के बीज की मज्जा, पोषण प्रति 100 ग्राम

ऊर्जा 2385 किलो जूल (570 किलो कैलोरी)

कार्बोहाइड्रेट 18.76 ग्राम

– शुगर्स 2.62 ग्राम

– आहार फाइबर 10.5 ग्राम

फैट 49.57 ग्राम

– संतृप्त 5.20 ग्राम

– मोनोअनसैचुरेटेड 9.46 ग्राम

– पॉलीअनसेचुरेटेड 32.74 ग्राम

  1. प्रोटीन 22.78 ग्राम
  2. थाईमिन (विटामिन बी 1) 2.29 मिलीग्राम (199%)
  3. राइबोफ्लेविन (विटामिन बी 2) 0.25 मिलीग्राम (21%)
  4. नियासिन (विटामिन बी 3) 4.5 मिलीग्राम (30%)
  5. पैंटोथिनिक एसिड (बी 5) 6.75 मिलीग्राम (135%)
  6. विटामिन बी 6 0.77 मिलीग्राम (59%)
  7. फोलेट (विटामिन B9) 227 माइक्रोग्राम (57%)
  8. विटामिन सी 1.4 मिलीग्राम (2%)
  9. विटामिन ई 34.50 मिलीग्राम (230%)
  10. कैल्शियम 116 मिलीग्राम (12%)
  11. आयरन 6.77 मिलीग्राम (52%)
  12. मैग्नीशियम 354 मिलीग्राम (100%)
  13. मैंगनीज 2.02 मिलीग्राम (96%)
  14. फास्फोरस 705 मिलीग्राम (101%)
  15. पोटेशियम 689 मिलीग्राम (15%)
  16. सोडियम 3 मिलीग्राम (0%)
  17. जिंक 5.06 मिलीग्राम (53%)

सूरजमुखी के तेल के लाभ Benefits of Sunflower Oil

  1. यह खाद्य तेल उच्च तापमान पर भी खराब नहीं होता।
  2. इसे सलाद पर भी डाला जा सकता है।
  3. सूरजमुखी खाद्य तेल में विटामिन ई की अच्छी मात्रा है।
  4. इसमें लेसिथिन, टोकोफेरोल, कैरोटेनोइड और वैक्स होता है।
  5. इसमें असंतृप्त वसा होती है। इस तेल का सेवन कोरोनरी धमनी रोग के खतरे को कम करता है।
  6. यह सीरम और यकृत कोलेस्ट्रॉल को कम करती है।
  7. इसके सेवन से आंतरिक रूक्षता नष्ट होती है और कब्ज़ दूर होती है।
  8. इसको मालिश के लिए इस्तेमाल किया जाने पर यह त्वचा के छिद्रों को बंद नहीं करता।
  9. त्वचा पर बाहरी रूप से लगाने पर यह त्वचा को पोषण देता है, नमी को खोने से रोकता है और इन्फेक्शन से बचाता है।
  10. यह तिल के तेल की अपेक्षा कम गर्म होता है और गर्मी में भी प्रयोग किया जा सकता है।

सूरजमुखी के औषधीय उपयोग Medicinal Uses of Sunflower in Hindi

सूरजमुखी के बहुत से औषधीय प्रयोग हैं। इसके बीजों में मूत्रल और कफ को नष्ट करने के गुण हैं। बीजों को दस ग्राम की मात्रा तक खाने से विष उतर जाता है। पुष्प कामोद्दीपक, पौष्टिक और सूजन को दूर करने के प्रयोग में लाये जाते हैं। पत्तों का लेप लीवर और फेफड़ों की सूजन में किया जाता है। गलगंड में इसके पत्ते और लहसुन को पीस कर बाह्य रूप से लगाते हैं। बवासीर में बीजों के चूर्ण को तीन से छः ग्राम की मात्रा में शक्कर मिलाकर लिया जाता है। पत्तों के रस और बीजों का लेप माथे पर माइग्रेन को दूर करने के लिए किया जाता है।

कान में कीड़ा

कान में यदि कोई कीड़ा घुस जाए, तो सूरज मुखी के तेल में लहसुन की कुछ कलियाँ डाल कर गर्म करें। जब यह तेल ठंडा हो जाए तो कान में इसकी कुछ बूँदें डालें।

कांच निकलने पर

तीन दिनों तक फूलों का रस गुदाद्वार पर लगाया जाता है।

कमज़ोरी

पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से कमजोरी दूर होती है। सूरजमुखी की पांच पत्तियां लेकर करब एक कप पानी में उबालें। जब आधा कप पानी बचे इसे छान लें और सेवन करें।

पाइल्स में बाहरी उपयोग

सूरजमुखी की पत्तियों का पेस्ट + सूरजमुखी का तेल, मिलाकर बाह्य रूप से लगाया जाता है।

पेट की गड़बड़ी, कब्ज़, अपच

दूध में सूरजमुखी की कुछ बूँदें डाल का सेवन करें।

दस्त लाने के लिए

तेल की कुछ बूँदें नाभि पर लागाई जाती हैं।

चमड़ी की देखभाल, दाग-धब्बे, एक्जिमा, सोराइसिस, मालिश

सूरजमुखी का तेल लेकर रोज हल्की मालिश करें।

उच्च रक्तचाप

सूरजमुखी का तेल हल्का होता है। यह बुरे कोलेस्ट्रोल को कम करता है। इसका सेवन उच्च रक्तचाप को कम करता है। इसलिए सूरजमुखी के तेल को खाना बनाने के लिए प्रयोग करें।

मलेरिया का बुखार

आधा कप पत्तों को दो कप पानी में उबालें। इसे छान कर दिन में कई बार पियें।

पत्तों का रस शरीर पर बाह्य रूप से लगाया जाता है।

उलटी, जी मिचलाना

सूरजमुखी के तेल की दो बूँदें नाक में डालें।

बिच्छू के काटने पर

पत्तों को पीस कर प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए और पत्तों की कुछ बूँदें नाक में टपकानी चाहिए।

सावधनियाँ/ साइड-इफेक्ट्स/ कब प्रयोग न करें Cautions/Side-effects/Contraindications

  1. बाज़ार में मिलने वाले रोस्टेड नमकीन सनफ्लावर सीड्स खाने से शरीर में ज़रूरत से ज्यादा नमक का सेवन हो सकता है।
  2. कुछ लोगों को सूरजमुखी परिवार Asteraceae ⁄ Compositae के पौधों से एलर्जी होती है, वे इसका प्रयोग सावधानी से करें।
  3. पुराने बीजों का सेवन पेट में जलन, गैस, लूज़ मोशन कर सकता है।
  4. बहुत अधिक मात्रा में सेवन हानिप्रद है। यह वज़न और बुरे कोलेस्ट्रोल LDL cholestrol को बढ़ा सकता है।
  5. अगर आप बहुत अधिक मात्रा में इन्हें खाते हैं, तो शरीर में आवश्यकता से अधिक सेलेनियम, फॉस्फोरस, आदि मिलते हैं जो लाभ की अपेक्षा नुकसान अधिक करता है।
  6. बीजों में फाइबर होता है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन गैस, पेट में दर्द कर सकता है।
  7. इसमें कुछ मात्रा में ऑक्सालेट भी पाये जाते हैं।
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