Fennel सौंफ़ Details, Benefits and Medicinal Uses in Hindi

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सौंफ़ एक खुशबूदार मसाला है जो दुनिया भर में पाया और इस्तेमाल किया जाता है। सौंफ़ के सूखे बीजों को अक्सर मसाले के रूप में खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अतिरिक्त सौंफ़ के सूखे पके बीज और उनका तेल दवा बनाने और घरेलू उपचार में भी होता है.(English version about Saunf)

Saunf seeds

सौंफ़ पेट को आराम देती है और श्वसन तंत्र के स्राव/कफ में भी कमी करती है। सौंफ़ को शिशुओं में पेट की गैस, पेट फूलना, भूख न लगना, पेट का दर्द सहित विभिन्न पाचन समस्याओं के लिए प्रयोग colic in infants, intestinal gas, bloating, loss of appetite किया जाता है। यह ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण, खांसी, ब्रोंकाइटिस, हैजा, पीठ में दर्द, बिस्तर गीला करना, upper respiratory tract infections, coughs, bronchitis, cholera, backache, bedwetting, आदि समस्याओं के लिए भी प्रयोग होती है. अस्थमा, खांसी, कफ की समस्या होने पर सौंफ का सेवन फायदेमंद होता है.

घरेलू उपचार के रूप में मासिक धर्म को बढ़ावा देने, मां के दूध का प्रवाह बढ़ाने, प्रसव प्रक्रिया को सहज करने और सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए भी सौंफ का उपयोग किया जाता है Increasing the flow of breast milk, promoting menstruation, easing the birthing process.

Scientific Classification

  1. KINGDOM Plantae
  2. PHYLUM Magnoliophyta
  3. CLASS Magnoliopsida
  4. ORDER Apiales
  5. FAMILY Apiacaea
  6. GENUS Foeniculum
  7. SPECIES F. vulgare

भारतीय नाम: मिशरेया, मधुरिका, मधुरा, शतपुष्पा, शताहवा

Unani यूनानी: बादियाँ, सौंफ Badiyan, Saunf

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Siddha सिध्ध: सोंबू Sombu

सौंफ के फायदे Benefits of Fennel

सौंफ़ विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, मोलिब्डेनम, मैंगनीज, तांबा, फास्फोरस, और फोलेट (vitamin C, fiber, potassium, molybdenum, manganese, copper, phosphorus, and folate) का बहुत अच्छा स्रोत है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, पैंटोथीनिक एसिड, मैग्नीशियम, लोहा, और नियासिन भी पाए जाते हैं।

  • यह एंटीऑक्सीडेंट है और स्वास्थ्य के लिए अच्छा है.
  • यह शरीर में सूजन कम करता है.
  • यह विटामिन सी से युक्त होता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार है.
  • यह बढे हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है.
  • यह शरीर में वात, पित्त और कफ को संतुलित करती है.
  • इसके सेवन से कब्ज़ की शिकायत दूर होती है.
  • यह पाचन को अच्छा करता है.
  • यह यकृत के लिए अच्छा होता है.

प्रमुख गुण Important Medicinal Properties

  • Carminative: गैस दूर करने वाला
  • Laxative: विरेचक
  • Diuretic: मूत्रवर्धक
  • Antioxidant: एंटीऑक्सीडेंट
  • Antimicrobial: रोगाणुरोधी
  • Anti-Inflammatory: सूजन कम करने वाला
  • Antispasmodic: मरोड़ कम करने वाला
  • Galactagogue: दूध बढ़ाने वाला
  • Expectorant: कफ निकालने में मददगार
  • Secretolytic: कफ पतला करने वाला

सौंफ के चिकित्सीय प्रयोग Medicinal Uses of Fennel

  1. छोटे बच्चों के पेट में दर्द और गैस: शिशुओं के पेट में दर्द और गैस की समस्या होने पर सौंफ का प्रयोग पुराने समय से होता रहा है. यह पेट के अफारे को दूर करता है। इसके लिए १ चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबालें और फिर ठंडा कर छान लें. शिशु को १-२ छोटे चम्मच पिलायें.
  2. गैस, कब्ज़, पाचन की समस्या: पेट की गैस, कब्ज़, पाचन की समस्या होने पर सौंफ और मिश्री का पाउडर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें और प्रतिदिन रात को १ चम्मच पानी के साथ लें.
  3. खून साफ़ करने में: खून को साफ़ करने के लिए, दिन में दो बार सौंफ को चबा कर खाने से खून साफ़ होता है और कब्ज़ भी दूर होती है.
  4. मासिक धर्म अनियमितता: सौंफ और गुड के सेवन से मासिक धर्म नियमित होता है.
  5. आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए: आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए, सौंफ और मिश्री को समान भाग ले का पीस कर रख लें और दिन में दो बार १ चम्मच पानी के साथ २-३ महीने लें.
  6. पाचन को बेहतर बनाने के लिए: पाचन को बेहतर बनाने के लिए सौंफ, जीरा और काला नमक मिला कर रख लें और भोजन के बाद इसे गर्म पानी के साथ लें.
  7. याददाश्त बढ़ाने के लिए: याददाश्त बढ़ाने के लिए, सौंफ, बादाम और मिश्री को बराबर मात्रा में पीस पर रख लें और सुबह शाम खाने के बाद १ चम्मच लें.

Side-effects/Caution while using Saunf

सामान्यतः सौंफ़ का सेवन करना सुरक्षित है। लेकिन कुछ लोगों में जिन्हें अजवाइन, गाजर, सेलेरी, (plants of Apiacaeae family) आदि से एलर्जी होती है उन्हें इसके सेवन से भी एलर्जी हो सकती है. उन्हें त्वचा पर कुछ एलर्जी के लक्षण दिख सकते है.

सौंफ़ त्वचा को सूरज की रोशनी के प्रति अतिरिक्त संवेदनशील बना सकती है.

सौंफ़ के कुछ असर एस्ट्रोजन की तरह हो सकते है. एस्ट्रोजन Estrogen अंडाशय ovaries द्वारा निर्मित होता है और इसे “महिला/फीमेल” हार्मोन माना जाता है। यह हार्मोन महिलाओं में यौन अंगों की वृद्धि और विकास female secondary sexual characteristics such as breasts, pubic and armpit hair, endometrium, regulation of the menstrual cycle तथा प्रजनन प्रणाली reproductive system में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मासिक धर्म चक्र के दौरान एस्ट्रोजन गर्भावस्था के लिए उपयुक्त वातावरण का निर्माण करने के लिए कार्य करता है और गर्भावस्था होने पर यह नाल/प्लेसेंटा से प्रोजेस्टेरोन progesterone के उत्पादन को प्रेरित करता है।

सौंफ़ गर्भनिरोधक गोलियां को कम प्रभावी बना सकती है।

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