जीरा Cumin seeds Information, Benefits and Medicinal Uses in Hindi

loading...

जीरा (क्युमिन सीड्स इंग्लिश में) सामान्यतः दालों और सब्जियों में तड़का लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह हर भारतीय रसोई में हमेशा मौजूद होता है। इसके बिना तो दाल में स्वाद ही नहीं आ सकता। पकौड़ों का घोल इसके बिना पूरा नहीं होता। भारतीय करी का तो ये अभिन्न हिस्सा है। लेकिन इसका चिकित्सीय उपयोग भी कुछ कम नहीं है। यह एक जड़ी बूटी भी जिसका उपयोग लोग दस्त, पेट का दर्द, आंत्र ऐंठन, और गैस सहित पाचन समस्याओं के लिए करते हैं। जीरा मूत्रवर्धक है और सूजन में इसको लेने से मूत्र का प्रवाह बढ़ जाता है और सूजन से राहत मिलती है। इसे मासिक धर्म शुरू करने के लिए और एक कामोद्दीपक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। प्रसव के बाद जीरे का सेवन महिलोयों में गर्भ को साफ़ तो करता ही है अपितु दूध की मात्रा को भी बढाता है। कुछ वैज्ञानिक अध्ययन बताते है जीरे का सेवन मोटापे को कम करने में मददगार है।

jeera remedies

जीरा पारंपरिक रूप से पाचन तंत्र के रोगों के लिए प्रयोग किया जाता रहा है और वैज्ञानिक अनुसंधान भी यही दिखाते हैं। रिसर्च दिखाती हैं जीरे के प्रयोग से अग्नाशय एंजाइमों के स्राव secretion of pancreatic enzymes बढ़ते हैं और इससे उचित पाचन और पोषक तत्वों का सही अवशोषण होता है।

जीरे का पोषण

करीब २ टीस्पून/5 ग्राम जीरा खाने से आपको 16 कैलोरी और निम्न पोषक तत्व प्राप्त होंगे:

Nutrient पोषक तत्वAmountमात्रा

 

DRI/DV (%)
Iron लोहा2.79 mg16%
Manganese मैंगनीज़0.14 mg7%
Copper कॉपर0.04 mg4%
Calcium कैल्सियम39.10 mg4%
Magnesium मैग्नीशियम15.37 mg4%
Phosphorus फॉस्फोरस20.96 mg3%
vitamin B1 विटामिन बी१0.03 mg3%

(Dietary Reference Intakes=DRI; Daily Value= DV)

loading...

जीरा, लोहे का एक उत्कृष्ट excellent, मैंगनीज का एक बहुत अच्छा स्रोत है very good source, और कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और विटामिन बी 1 का एक अच्छा स्रोत good source है।

जीरे के गुण Medicinal Properties of Cumin seeds

  • जीरे में उड़नशील तेल तथा अन्य घटक होते हैं।
  • यह तासीर में गर्म hot in potency होता है।
  • यह रूखे dry और पित्तवर्धक increases bile होते है।
  • यह पेट abdomen और गर्भाशय uterus को साफ़ करने वाले होते हैं।
  • यह वीर्यवर्धक, बल बढ़ाने वाला, और कफ नाशक होते हैं।
  • यह अग्न्याशय में एंजाइमों के स्राव secretion of enzymes in the pancreas को बढ़ाता है।
  • पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है।
  • विषाक्त पदार्थों toxins को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • यकृत/ जिगर/ liver की शक्ति को बढ़ाता है।

औषधीय प्रयोग Medicinal Uses of Cumin seeds

जीरा को सूजन को कम करने, पेशाब में वृद्धि, गैस को रोकने, और मांसपेशियों की ऐंठन को दबाने, अपच, पीलिया, दस्त, पेट फूलना, आदि में प्रयोग किया जाता हैं। जीरा, काली मिर्च और शहद को मिला कर लेना कुछ देशों में एक कामोद्दीपक माना जाता है।

इसका प्रयोग श्वसन तंत्र के रोगों के उपचार में भी एक घेरलू उपाए की तरह होता है। इसके एंटीसेप्टिक गुण और गर्म होने के कारण सामान्य जुकाम common colds के इलाज में इसका प्रयोग लाभप्रद है। यह खांसी को रूकता है और म्यूकस को सुखा देता है। जीरे को पानी में उबाल कर वह पानी पीने से पाचन और श्वसन तंत्र के रोगों में फायदा होता है।

घरेलू उपचार

अतिसार

अतिसार में भुने जीरे का चूर्ण लाभकारी होता है। पांच ग्राम जीरे को भून कर पीस ले। इसे पानी के साथ या लस्सी/दही के साथ दिन में दो-तीन बार देना चाहिए।

बवासीर

काले जीरे के चूर्ण को मिश्री के साथ बराबर मात्रा में लें।

जीरे के चूर्ण को पानी में मिला मस्सों पर लगाने से दर्द और सूजन में आराम मिलता है।

पेट में दर्द

जीरे के चूर्ण को शहद के साथ लेना चाहिए।

पेशाब में रूकावट, रुक-रुक के पेशाब आना, पथरी, मूत्रनली में सूजन

जीरा और चीनी का चूर्ण बराबर मात्रा में मिला लें। इस चूर्ण को भोजन के बाद फंकी की तरह खाने से आराम मिलता है। इसे दिन में 3 बार ले।

पाचन को सही करने के लिए

जीरा, सोंठ, सेंधा नमक, पिप्पली, आनारदाना और काली मिर्च बराबर मात्रा में मिला कर चूर्ण बना कर रख लें और पानी के साथ लें।

बुखार, प्रसव के बाद बुखार

कच्चे जीरे के चूर्ण में गुड मिलकर खाने से बुखार में लाभ होता है।

माताओं में दूध की कमी

जीरे को भून कर खाने से फायदा होता है।

खुजली, जलन, फोड़े, फुन्सी

जीरे को गर्म पानी में पीस कर प्रभावित स्थान पर लगाने से लाभ होता है।

मोटापा, फास्टिंग कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड कम करने के लिए

मोटापा obesity, फास्टिंग कोलेस्ट्रॉल fasting cholesterol और ट्राइग्लिसराइड triglycerides कम reduce करने के लिए 3 gram/day (1.5 gram two times a day) जीरे का पाउडर लेना चाहिए। इसे लो-फैट दही में मिला कर या केवल पानी के साथ भी लिया जा सकता है।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*