Medicinal Uses of अनार in Hindi

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अनार(Anar) न केवल एक पौष्टिक फल बल्कि दवा के रूप में भी पुराने समय से प्रयोग होता आया है। संस्कृत में इसे दाड़िम कहा जाता है। इसका लैटिन नाम प्युनिका ग्रानेटम है। अनार का फल कुछ मीठा, खट्टा और अम्लीय होता है। भावप्रकाश निघंटु में, खट्टा-मीठा अनार भूख बढाने वाला, रुचिकर, थोडा पित्त बढ़ाने वाला और हल्का माना गया है जबकि खट्टा अनार पित्त उत्पन्न करने वाला और वात, कफ को नष्ट करने वाला माना गया है।

By Bhanji11 (Own work) [GFDL (http://www.gnu.org/copyleft/fdl.html) ], via Wikimedia Commons
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अनार के लिए तो कहावत भी है, एक अनार सौ बीमार। यह कहावत शायद इस फल के औषधीय गुणों के कारण ही बनी। यह विविध बिमारियों में उपयोगी है। मीठा अनार त्रिदोषनाशक है और वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है। यह तृप्तिदायक, वीर्यवर्धक, हल्का light to digest, ग्राही/सोखने वाला absorbing, स्निग्ध, मेधा, बुद्धि, और बल देने वाला है। इसका प्रयोग बुखार fever, पेचिश loose motion, हृदय रोग diseases of heart, कन्ठरोग, और मुंह की दुर्गन्ध foul smell को नष्ट करता है।

हाल ही में किये गए शोध, इसके औषधीय प्रयोगों को सही बताते है। यह एक सुपर फ़ूड superfood है। प्रयोगशाला परीक्षणों में, अनार को एंटीवायरल antiviral, जीवाणुरोधी, हृदय के लिए टॉनिक heart tonic, और एंटीऑक्सीडेंट antioxidant पाया गया है।

अनार में बहुत से रसायन chemicals, विटामिन्स vitamins और मिनरल्स minerals पाए जाते है। अनार का फल आयरन iron और विटामिन सी vitamin C का भी अच्छा स्रोत है। अनार के फल का ही नहीं अपितु इसकी छाल bark, जड़ root, छिलका peel, फूल flower, पत्ती leaves का भी चिकित्सीय इस्तेमाल किया जाता है।

SYNONYMS

AYURVEDIC: Dadima, Dadimba, Raktapushpa, Dantabija, Raktakusuma, Lohitpushpaka, दाड़िम, करक, लोहित पुष्पक, दन्तबीज, रक्तपुष्प, रक्तकुसुम

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  • UNANI: Anaar, Roomaan, Gulnaar, Gulnaar Farsi अनार, रुमान, गुलनार
  • SIDDHA: Maathulai
  • SANSKRIT: Dadima, Dantabija, Lohitapushpa
  • ASSAMESE: Dalim
  • BENGALI: Dadima, Dalimgach, Dalim
  • ENGLISH: Pomenagrate पोमेग्रेनेट
  • GUJRATI: Dadam, Dadam phala
  • HINDI: Anar, Anar-ke-per, Anar-dana (seeds) अनार, अनार दाना/बीज
  • KANNADA: Dalimba, Dalimbe haonu
  • MALAYALAM: Mathalam
  • MARATHI: Dalimba
  • ORIYA: Dalimba
  • PUNJABI: Anar
  • TAMIL: Madulam Pazham
  • TELUGU: Dadimbakaya, Dadimma
  • URDU: Anar

परिचय Description

अनार का पेड़ एक बड़ी झाड़ी shrub या छोटा पेड़ होता है। यह हिमालय से ले कर ईरान तक के हिस्से का मूल निवासी माना जाता है।

एशिया, अफ्रीका और यूरोप में इसकी खेती की जाती है। भारत में यह हर जगह पाया जाता है। उत्तर भारत, काबुल और कंधार के पर्वतीय प्रान्त के अनार अच्छे और बड़े होते है। अनार की २-३ प्रजातियाँ पायी जाती है।

अनार के पेड़ की ऊंचाई लगभग ८-१० फीट होती है। कुछ पेड़ १५ फीट के भी हो सकते हैं। इसमें घनी टहनियां होती है। पत्ते हरे और लम्बे होते है। इसके फूल एक चौथाई इंच के होते है तथा इसका कैल्क्स लाल ट्यूबलर होता है। फूल स्त्री और पुरुष जाती के होते है। नर फूल बड़े होते हैं पर उनमे फल नहीं लगते जबकि मादा पुष्प छोटे होते हैं और फल लगते हैं। फल गोलाकार होते है तथा उनकी बाहरी त्वचा, आमतौर पर गहरे गुलाबी या लाल रंग की होती है। अन्दर बीज लाल-गुलाबी दांतों की शकल के होते हैं।

अनार के स्वास्थ्य लाभ Health benefits of Pomegranate in Hindi

अनार खाने के अनेक लाभ है। दिन में एक अनार या इसका एक कप जूस पीना, इससे मिलने वाले फायदों को पाने के लिए पर्याप्त है। अनार अत्याधिक प्यास लगने, शरीर में जलन होने तथा रक्त विकारों में लाभप्रद है। इसका सेवन पेचिश, बुखार, कमजोरी आदि में करने से शरीर को बल मिलता है। यह दिल और दिमाग दोनों को ताकत देता है। यह मेद्य है और बुद्धि को बढाता है। यह प्राकृतिक रूप से खून को पतला करता है और अधिक ब्लड प्रेशर को कम करता है। यह शरीर से गंदगी को निकालता है और रक्त को शुद्ध करता है। यह वीर्यवर्धक और रक्तवर्धक है। यह रुचिकारक और पित्तकारक है। इसके सेवन से नकसीर, खूनी पेचिश, खूनी बवासीर, मासिक में अधिक रक्त जाना आदि में लाभ मिलता है।

दिल की बीमारी में लाभदायक good for heart

अनार का रस बुरे कोलेस्ट्रॉल एलडीएल LDL/bad cholesterol को कम करता और दिल को एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाले नुकसान से बचाता है। यह हृदय के लिए टॉनिक है और रक्तचाप को कम करने में सहायता देता lowers blood pressure है। यह खून को पतला करता है natural blood thinner और इसके बहाव को सही करता है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस में लाभकारी beneficial in osteoarthritis

अनार फल में पाए जाने वाले के समान फ्लैवेनोल (एंटीऑक्सिडेंट का एक प्रकार) पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस chronic osteoarthritis के लिए उपचार के उपयोगी है।

कैंसर को रोकता है prevents cancer

अनार एक एंटीऑक्सीडेंट anti-oxidant है। इसमें अन्य पोषक तत्वों भी अच्छी मात्रा में पाए जाते है। प्रयोगशाला नतीजे दिखाते हैं की नियमित रूप से अनार का रस पीने से कैंसर को रोकने में मदद मिल सकती है।

शरीर को बल देता है gives strength

अनार शरीर को बल देता है और खून बढाता improves hemoglobin level है। यह ग्रहणी और बुखार fever में विशेष रूप से लाभकारी है।

पेट के रोग में लाभकारी boon for digestive system

पेट रोगों जैसे की पेचिश, संग्रहणी (sprue), गैस, आदि में अनार काफी फायदेमंद है।

फल के १०० ग्राम का पोषण (खाने योग्य हिस्से)

PrincipleNutrient ValuePercentage of RDA
Energy एनर्जी83 Kcal4%
Carbohydrates कार्बोहायड्रेट18.70 g14%
Protein प्रोटीन1.67 g3%
Total Fat वसा1.17 g6%
Cholesterol कोलेस्ट्रोल0 mg0%
Dietary Fiber फाइबर4 g11%
Vitamins विटामिन्स
Folates फोलेट38 µg9.5%
Niacin नियासिन0.293 mg2%
Pantothenic acid पैनटोथेनिक एसिड0.135 mg3%
Pyridoxine पाईरिडॉक्सीन0.075 mg6%
Riboflavin राइबोफ्लेविन0.053 mg4%
Thiamin थायमिन0.067 mg5.5%
Vitamin A विटामिन A0 IU0%
Vitamin C विटामिन C10.2 mg17%
Vitamin E विटामिन E0.60 mg4%
Vitamin K विटामिन K16.4 µg14%
Electrolytes इलेक्ट्रोलाइट
Sodium सोडियम3 mg0%
Potassium पोटाशियम236 mg5%
Minerals मिनरल
Calcium कैल्शियम10 mg1%
Copper कॉपर0.158 mg18%
Iron आयरन0.30 mg4%
Magnesium मैग्निसियम12 mg3%
Manganese मैंगनीज0.119 mg5%
Phosphorus फॉस्फोरस36 mg5%
Selenium सेलेनियम0.5 µg1%
Zinc जिंक0.35 mg3%

(Source: USDA National Nutrient data base)

अनार के चिकित्सीय उपयोग Medicinal Uses of Pomegranate in Hindi

अनार वातहर, पित्तहर, अतिसार को रोकने वाला, शरीर से खून का बहना रोकने वाला, टॉनिक, पोषक और कामोद्दीपक aphrodisiac है। अनार फल अत्यधिक अम्लता/पित्त excessive bile के इलाज में उपयोगी है। यह दिल को ताकत देता है और उसके कार्य को बेहतर बनाता है। यह खून बहने के विकारों bleeding disorders में लाभकारी है। इसकी जड़ और छाल वायुनालियों के प्रभाव में उपयोगी है। फूल का प्रयोग नकसीर epistaxis में किया जाता है। फल का छिलका the fruit peel पेट के कीड़ों, रक्त विकार और खांसी के उपचार में उपयोगी है।

अपच indigestion, अरुचि tastelessness

अनार रस pomegranate juice में काला नमक और भुना हुआ जीरा डाल के पीने से लाभ होता है। अरुचि में अनार के रस को निगलने से पहले कुछ देर मुंह में रोक के रखें।

हीमोग्लोबिन स्तर में कमी, आंतो की सफाई low hemoglobin level, cleaning intestine

एक कप ताजा अनार का रस, एक नीबू का रस निचोड कर पियें।

खाँसी cough

अनार के पेड़ से इसकी कुछ कलियां, 2-3 तुलसी पत्ते और काली मिर्च black pepper को पानी में उबाल कर पीने से लाभ होता है।

फल के छिलके को कुछ देर मुंह में रखकर चूसने से भी लाभ होता है।

काली ख्नासी में फल का छिलका सुखाकर, पीस कर २ ग्राम की मात्रा में दूध में पका कर दें।

अनिद्रा Insomnia/sleeplessness

20 ग्राम अनार की ताजा पत्तों को 400 मिलीलीटर पानी पकाएं। जब पानी 100 रह जाए तो इसे छान कर पियें।

ब्रोंकाइटिस Bronchitis

सूखे अनार के बीज 100 ग्राम, 50 ग्राम प्रत्येक सूखा अदरक, काली मिर्च, पिप्पली, दालचीनी, तेजपात, इलायची को पीस कर पाउडर बना उसमें चीनी मिला लें। इस चूर्ण को दिन में 2 बार शहद के साथ 2-3 ग्राम मात्रा में लें।

उल्टी Vomiting

अनार के फल का रस पियें।

पीलिया jaundice

ताजे अनार के पत्तों को छाया सुखा कर पाउडर बना लें। इस पाउडर को 6 ग्राम की मात्रा में सुबह, छाछ के साथ और शाम को पानी के साथ में लें।

गर्भावस्था pregnancy

ताजा अनार का फल खाने या इसका रस पीने से हीमोग्लोबिन में सुधार होता है और यह कमजोरी, मतली में भी राहत देता है।

एक्जिमा eczema

प्रभावित क्षेत्र पर ताजा पत्तों का रस लगायें।

दस्त, खूनी पेचिश diarrhea, dysentery

डायरिया के लिए, सूखे फल के छिलके का पाउडर शहद के साथ 3-6 ग्राम की मात्रा में दैनिक दिया जाता है।

खूनी बवासीर bleeding piles, पीलिया, रुका हुआ मल

रोज़ अनार का फल खाने या उसके रस से लाभ होता है।

खून के विकार bleeding disorders

नियमित रूप से अनार खाओ।

नकसीर nosebleed

अनार के फूल को कच्चे दूध में पीसकर नाक में डाले।

स्त्री रोग womb disorders, gynecological disorders

अनार के पत्तों और गुलाब के फूल के काढ़े को (15-30 मिलीलीटर) लेने से लाभ होता है।

स्वप्नदोष natural emission

अनार के छिलके और मुलेठी का पाउडर बराबर मात्रा में मिला लें और ३-६ ग्राम की मात्रा में शहद के साथ सोते समय लें।

बार-बार पेशाब आना, प्रमेह, पेशाब के साथ वीर्य जाना frequent urination, prameh, loss of semen with urine

अनार के छिलके का पाउडर पानी के साथ दिन में दो बार चार ग्राम की मात्रा में लें।

मुंह से बदबू bad breath

अनार के छिलके धूप में सुखा कर उसका बारीक पाउडर बना कर उसमें हरी इलाइची कूटकर मिला ले। इस पाउडर को एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम पानी के साथ ले।

पायोरिया pyorrhea

अनार के फल का छिलका (५०० ग्राम ), फिटकरी, काली मिर्च, सेंधा नमक (प्रत्येक १० ग्राम) को बारिक पीस कर कपडे से छान कर रख लें और मंजन की तरह प्रयोग करें।

बच्चों के लिए, एक स्वस्थ आहार के एक हिस्से के रूप में, अनार के रस की १००-१८० ml की मात्रा को सुरक्षित माना जाता है।

वयस्कों के लिए अनार के लिए कोई निर्धारित मात्रा नहीं है।

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