जिंक सल्फेट Zinc Sulfate in Hindi

loading...

जिंक सल्फेट को दस्त में ओरएस ORS घोल के साथ प्रयोग किया जाता है। यदि खूनी दस्त हो तो भी इसे एंटीबायोटिक के साथ दिया जाता है। इसका सेवन शरीर में जिंक की कमी दूर होती है। जिंक का प्रयोग बच्चों में बार-बार होने वाले दस्त / डायरिया की दर को करीब २५ प्रतिशत तक कम करता है। इसके सेवन पर दस्त जल्द ठीक होने में मदद होती है। इसके अतिरिक्त दस्त होने हर इसका प्रयोग शरीर में जिंक की कमी नहीं होने देता।

जिंक या जस्ता बच्चे के समग्र स्वास्थ्य और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। दस्त के दौरान बहुत सा जिंक शरीर से निकल जाता है। जिंक शरीर में बहुत से महत्वपूर्ण काम करता है। यह बढ़वार, इम्युनिटी, प्रोटीन संश्लेषण, और घाव के ठीक होने मदद करता है।इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और शरीर को भिन्न रोगों से बचाता है।

उपचारात्मक कार्रवाई

सूक्ष्म पोषक तत्व जिंक की कमी दूर करना

चिकित्सीय प्रयोग

5 वर्ष की उम्र से छोटे बच्चों में डायरिया होने की स्थिति में मौखिक पुनर्जलीकरण चिकित्सा oral rehydration therapy के साथ जिंक सल्फेट का प्रयोग जिंक की कमी को तथा दस्त के उपचार में सहायक है।

जिंक का प्रयोग स्टूल की मात्रा को भी कम करता है। यह लगातार दस्त रहने की अवधि और गंभीरता को कम करता है।

उपलब्धता

  1. 20 मिलीग्राम की गोली
  2. 20 मिलीग्राम / 5 मिलीलीटर का सिरप

खुराक और अवधि

  1. 6 महीने से छोटे बच्चे: 10 मिलीग्राम दिन में एक बार (1/2 गोली या 1/2 छोटा चम्मच एक बार रोज़ ) 10 दिनों के लिए
  2. 6 महीने से 5 साल तक के बच्चे: 20 मिलीग्राम दिन में एक बार (1 गोली या 1 चम्मच एक बार) 10 दिनों के लिए
  3. एक चम्मच में आधा गोली या पूरी गोली को एक चम्मच या कटोरी में रख के घुला दें और बच्चे को दें।

सावधानियों

  1. निर्धारित मात्रा में प्रयोग पर इसका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं है।
  2. यदि सेवन के 30 मिनट के भीतर उल्टी हो जाए तो जिंक फिर से दें।
  3. इसे आयरन के सप्लीमेंट के साथ न दें। दोनों को देने में करीब 2 घंटे का अंतर रखें।
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*