Pregnancy First month Symptoms, Changes and Tests in Hindi

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गर्भावस्था या प्रेगनेंसी जीवन का एक बहुत ही रोमांचक और महत्वपूर्ण दौर है। इससे एक शिशु और एक माँ दोनों का जन्म होता है। एक महिला गर्भ में भ्रूण embroy को नौ महीने रख कर एक शिशु को जन्म देती है। गर्भावस्था के दौरान होने माँ और उसके बच्चे को दोनों विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था को अच्छी तरह समझ के और कुशल देखभाल द्वारा स्वस्थ्य शिशु के जन्म में बहुत मदद हो सकती है।

यह पेज गर्भावस्था के पहले महीने के बारे में है।

Early signs of pregnancy गर्भावस्था के शुरुवाती लक्षण

पीरियड का न होना ही गर्भावस्था का पक्का संकेत है। लेकिन अगर माहवारी अनियमित हो तो ये पता करना थोडा मुश्किल हो सकता है। लेकिन कुछ लक्षण गर्भावस्था के होने का संकेत दे सकते हैं।

  • मासिक का न होना
  • स्तन में दर्द या उनका भारी महसूस होना
  • शरीर में भारीपन
  • नींद का अधिक आना
  • शरीर में उर्जा की कमी, थाकावट
  • भूख ज्यादा लगना
  • चक्कर आना, मूड स्विग
  • मितली, उल्टी
  • कुछ गंध और खाना अच्छा न लगना
  • बार-बार पेशाब आना
  • पीरियड जैसे क्रैम्प होना
  • हर महिला और हर प्रेगनेंसी में लक्षण भिन्न होते हैं.

गर्भावस्था का पहला महिना First four weeks of pregnancy

पहला सप्ताह First week

पहला सप्ताह अन्य महीनो की ही तरह होता है। इस समय शरीर में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होते। इस समय हॉर्मोन एस्ट्रोजन का स्तर बढने लगता है।

जिस महीने पीरियड नहीं होता उस महीने के पहले सप्ताह को जान कर ही प्रसव की तारीख जानी जाती है। डॉक्टर पिछले मासिक धर्म की तिथि LMP last month period में 9 महीने और 7 दिन जोड़कर एक्सपेक्टेड डिलीवरी डेट Expected Delivery Date (EDD) बताते है। यह केवल एक अनुमान भर है बच्चे का जन्म इस तिथि आस-पास की होता है, पहले या बाद में।

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असल में ये जानना मुश्किल होता है की कब शुक्राणु ने अंडे को निषेचित किया इसलिए चिकित्सक, नौ महीनों के लिए प्रारंभिक बिंदु के रूप में अंतिम माहवारी का ही उपयोग करते हैं। असल में, बच्चे की वास्तविक उम्र उसके गर्भ में रहने से दो सप्ताह कम होती है।

दूसरा सप्ताह और तीसरा सप्ताह Second and Third Week

दूसरा सप्ताह भी अन्य महीनो की ही तरह होता है। गर्भाशय, हर महीने की ही तरह गर्भ रखने के लिए तैयार होता है। एस्ट्रोजन का स्तर अभी भी बढ़ रहा होता है। बढता हुआ एस्ट्रोजन, गर्भाशय की लाइनिंग को और मोटा करता है और सर्वाइकल म्यूकस चेंज करता है। जब एस्ट्रोजन का स्तर एक निश्चित लेवल तक पहुँचता है तो एक और होर्मोने Leutenizing Hormone (LH) पिटूरिटी से निकलता है जो ओवरी से एक मैच्योर अंडे egg को बाहर निकलता है। यह ओवुलाशन ovulation कहलाता है।

ओवुलाशन, पीरियड के बीच में ११- १८ दिन के बीच कभी भी हो सकता है। ये उससे पहले भी हो सकता है। एग/डिंब egg अगले 12 से 24 घंटे के बीच ही निषेचित fertilized हो सकता है। अगर 350 मिलियन शुक्राणु में एक शुक्राणु sperm अंडे को निषेचित कर देता है तो नये जीवन की शुरुवात हो जाती है।

इसी समय बच्चे के लिंग gender का फैसला हो जाता है। फ़र्टिलाइजेड एग fertilized egg, अब जाईगोट zygote कहलाता है और विभाजित divide होना शुरू हो जाता है। ये फैलोपियन ट्यूब से uterus (womb) में चला जाता है। और अगले नौ महीने में वहीं बड़ा हो कर शिशु के रूप में जन्म लेता है।

चौथा सप्ताह Week four

अब समय है इमप्लांटेशन implantation का। इस सप्ताह भ्रूण, गर्भाशय में अपने आपको उपयुक्त जगह पर इमप्लांट कर लेता है। इमप्लांटेशन आमतौर पर चौथे सप्ताह के आस-पास होता है इसलिए इस समय कुछ खून बहना slight bleed या स्पोटिंग spotting होना कोई हैरानी की बात नहीं।

गर्भ होने पर शरीर में एक हॉर्मोन Human Chorionic Gonadotrophin Hormone (HCG) बनने लगता है। hCG अंडाशय/ओवरी ovary, को बताता है की अब और ओवा/एग not to release more ova from ovary को बाहर न निकाले। यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के उत्पादन को बढ़ावा देता है जिससे गर्भाशय की लाइनिंग टूटती नहीं है।

अब बच्चे को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति गर्भाशय की दीवार में बहुत ही पतली रक्त वाहिकाओं के द्वारा हो रही है लिए क्योकि अभी प्लेसेंटा placenta का निर्माण नहीं हुआ होता। चौथे सप्ताह में विकसित होता हुआ कोशिकयों का गोला भ्रूण embryo कहलाता है।

कुछ महिलाओं को अपने मासिक धर्म की तिथि के आस-पास स्पोटिंग हो सकती है। अब धीरे-धीरे बच्चे का विकास शुरू हो जाता है। विकासशील बच्चे का आकार अभी खस के एक दाने poppy seed से भी छोटा है लेकिन उसमें तेजी से कोशिकाओं का विभाजिन हो रहा है। अगर आपकी मासिक की संभावित तिथि पर मासिक शुरू नहीं होता तो हो सकता है की आप प्रेगनेंट हों।

Pregnancy detection card

अपनी मासिक की संभावित तारीख के ५ दिन या ७ दिन बाद प्रेगनेंसी डिटेक्शन किट pregnancy detection card से आप ये जान सकती है। मूत्र की कुछ बूंदे इस कार्ड पर डाली जाती हैं।

मूत्र या रक्त परिक्षण से Human Chorionic Gonadotrophin Hormone (HCG) नापा जाता है। सुबह के मूत्र में HCG उच्चतम स्तर पर होता है।

Test करने के लिए सुबह-सुबह उठते ही पहले मूत्र की कुछ बूंदे कार्ड पर निर्देशित रूप से डालें।

अगर प्रेगनेंसी हुई तो दो लाइने दिखेंगी।

पहले महीने के शारीरिक परिवर्तन Physical Changes of First Month

  • पेल्विक में कुछ ऐंठन हो सकती है और मुंह का स्वाद कुछ बदला लग सकता है।
  • सुबह या पूरे दिन आपको मितली या उल्टी हो सकती है।
  • स्तन कुछ अधिक संवेदनशील हो सकते है
  • बार-बार पेशाब करने के लिए शौचालय जाने की आवश्यकता पड़ती है
  • मासिक की तारीख के आस-पास कुछ स्पॉटिंग हो सकती है।

Morning sickness

शुरुआती महीनों में हार्मोनल परिवर्तन होने के कारण मोर्निंग सिकनेस, मतली और उल्टी होना बहुत ही आम बात है। यह दिन या रात के किसी भी समय हो सकता है। 16 हफ्तों के बाद यह समस्या अपने आप ही ठीक हो जाती है।

  • अगर आप को ये समस्या आती हो तो:
  • खाना पकाने से गंध से बचें
  • ताजी हवा में जाएँ
  • खूब पानी पिए
  • दो या तीन बार खाने की बजाय हर 2-3 घंटे पर कुछ पौष्टिक खाएं
  • फैटी या मसालेदार भोजन से बचें
  • सुबह बिस्तर से बाहर निकलने से पहले सादे बिस्कुट या टोस्ट का एक टुकड़ा खाने से भी मदद होती है
  • अगर लक्षण गंभीर हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।

गर्भावस्था में अच्छा खाना खाएं और आयरन और फोलिक एसिड भी लेना शुरू करें। यदि आप गर्भवती हैं तो आपको फोलिक एसिड (400 माइक्रोग्राम) हर दिन लेना चाहिए।

Why Folic acid is Essential

फोलिक एसिड अजन्मे बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए महत्वपूर्ण विटामिन है। यह विशेष रूप से गर्भावस्था के पहले चार हफ्तों के दौरान बच्चे की रीढ़ की हड्डी spinal cord, मस्तिष्क brain और खोपड़ी skull के सामान्य विकास के लिए आवश्यक है। इसके सेवन से बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष Neural tube defects (NTDs) के जोखिम को कम करने में मदद होती है।

न्यूरल ट्यूब दोष क्या हैं? What are neural tube defects?

Neural tube तंत्रिका ट्यूब, भ्रूण में एक खोकली संरचना होती है जिससे की मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का विकास होता है। अगर गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों के दौरान यह ठीक से बंद होने में विफल होती है तब बहुत से जन्मजात दोष birth defects हो सकते हैं।

न्यूरल ट्यूब दोष (NTDS) वे दोष है जिसकी वज़ह से बच्चे में रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क या खोपड़ी के विकास में असामान्यता हो जाती है। बच्चे में ये दोष पैदाइशी होते है और आजीवन विकलांगता का कारण बन सकते हैं।

कुछ महिलाओं, जिनमे NTD पिछली गर्भावस्था में था या परिवार में किसी को ये समस्या थी तो फोलिक एसिड ज्यादा मात्रा में लेने की सलाह भी चिकित्सक द्वारा दी जा सकती है। मधुमेह, मोटापा या मिर्गी में भी NTD का अधिक खतरा हो सकता है इसलिए गर्भावस्था प्लान करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

Tests done during pregnancy

प्रसव पूर्व देखभाल के रूप में सभी महिलाओं के लिए कुछ रूटीन टेस्ट routine prenatal tests होते हैं। ये महिला और गर्भस्थ शिशु को होने वाले खतरों को बताते हैं और जटिलताओं को कम करने में मदद भी करते हैं।

निम्नलिखित प्रयोगशाला परीक्षण किये जाते हैं:-

  • Complete blood count (CBC)
  • Blood type
  • Urinalysis मूत्र-विश्लेषण
  • Urine culture मूत्र कल्चर
  • Rubella रूबेला
  • Hepatitis B and hepatitis C हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी
  • Sexually transmitted diseases (STDs) यौन संक्रमित रोगों (एसटीडी)
  • Human immunodeficiency virus (HIV) मानव इम्यूनो वायरस (एचआईवी)
  • Tuberculosis (TB) क्षय रोग (टीबी)

CBC

CBC टेस्ट से रक्त की विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं को गिना जाता है जैसे की लाल रक्त कोशिकाओं red blood cells (एनीमिया के लिए), सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC की संख्या से पता चलता है कि रोग से लड़ने की कोशिकाओं की संख्या कितनी है), प्लेटलेटों की संख्या (रक्त के थक्के की समस्या के बारे में।

Blood typing

ये परीक्षण बताते हैं की आरएच फैक्टर Rh factor है या नहीं। Rh factor लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एक प्रोटीन है। अधिकांश लोगों Rh positive होते हैं। जबकि कुछ Rh negative होते हैं। यदि भ्रूण embroy Rh positive है और आप Rh negative हैं, तो शरीर आरएच फैक्टर के खिलाफ antibodies एंटीबॉडी बना लेता है और अगले गर्भ में ये एंटीबॉडी भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Urinalysis यूरीन ऐनालिसिस

मूत्र में RBC और WBC, प्रोटीन, और ग्लूकोज की मात्रा को मापा जाता है।

गर्भावस्था के शुरू में प्रोटीन के स्तर को बाद में इसके स्तर से तुलना की जाती है। मूत्र में उच्च प्रोटीन का स्तर preeclampsia की निशानी हो सकती है।

Urine culture test

Urine culture test मूत्र में बैक्टीरिया या UTI संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।

Rubella रूबेला

रूबेला Rubella (German measles) जन्म दोष पैदा कर सकते हैं।

हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी hepatitis B and hepatitis C

हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी वायरस यकृत liver को संक्रमित infect करते हैं। गर्भवती महिला से हेपेटाइटिस बी/हेपेटाइटिस सी वायरस गर्भ में पलते शिशु में जाता है। सभी गर्भवती महिलाओं हेपेटाइटिस बी वायरस के संक्रमण के लिए टेस्ट किया जाता है।

STD एसटीडी

सभी गर्भवती महिलाओं में उपदंश syphilis और क्लैमाइडिया chlamydia का गर्भावस्था के शुरू में टेस्ट किया जाता है। । ये दोनों संक्रमण महिला और बच्चे दोनों के लिए जटिलता complications कर सकते हैं।

HIV एचआईवी

HIV टेस्ट से एचआईवी वायरस का संक्रमण पता किया जाता है।

Glucose screening test GST ग्लूकोज स्क्रीनिंग टेस्ट

इस टेस्ट से रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) के स्तर को नापा जाता है। उच्च ग्लूकोज के स्तर का मतलब है मधुमेह। यह परीक्षण 24 सप्ताह और 28 सप्ताह के बीच भी किया जाता है।

गर्भावस्था में ये सभी टेस्ट बाद में होने वाली कॉम्प्लिकेशन को कम करते हैं। शुरू में यदि बहुत सी जटिलताओं का पता लग जाए तो बहुत से आप्शन होते हैं।

सही देखभाल और खान-पान से माँ और बच्चे दोनों को बहुत लाभ होता है जो एक स्वस्थ्य शिशु के जन्म में सहयोग करता है.

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