एस्पिरिन Aspirin Detail in Hindi

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एस्पिरिन, ऐसिटाईल सैलिसिलिक एसिड acetylsalicylic acid compound यौगिक / कंपाउंड का आम भाषा में प्रयोग किया जाना वाला नाम है। यह एलोपैथिक दवाई है जो शरीर में बुखार, दर्द और सूजन दूर करने के लिए प्रयोग की जाती है। इसमें दर्द निवारक analgesic, सूजन दूर करने anti-inflammatory के और बुखार कम करने के antipyretic गुण हैं। Aspirin is the common name for the acetylsalicylic acid. It has anti-inflammatory, analgesic and antipyretic agent.

एस्पिरिन और सैलिसिलिक एसिड का प्रयोग दवा के रूप में हजारों साल से होता आया है। लगभग 2400 साल पहले, हिप्पोक्रेट्स, प्राचीन यूनानी चिकित्सक, जिन्हें आधुनिक चिकित्सा का जनक माना जाता है, ने विलो पेड़ की छाल को नेत्र रोगों और दर्द के इलाज़ के लिए प्रयोग किया। विलो पेड़ों की छाल में सैलिसिलिक एसिड होता है तथा सैलिसिलिक शब्द को भी विलो पेड़ों के जीनस सेलिक्स Salix, से लिया गया है।

एस्पिरिन तैयार करने के लिए, सैलिसिलिक एसिड को एसिटिक एनहाइड्राइड acetic anhydride से रियक्त कराया जाता है। इस प्रक्रिया में किसी स्ट्रांग एसिड की कम मात्रा में एक उत्प्रेरक catalyst की तरह (जो प्रतिक्रिया को तेज़ करता है) प्रयोग किया जाता है। प्रतिक्रिया में एसिटिक एसिड व एस्पिरिन उत्पाद बनता है। एस्पिरिन उत्पाद क्योंकि पानी में बहुत घुलनशील नहीं है इसलिए यह नीचे बैठ जाता है और चूंकि एसिटिक एसिड पानी में बहुत घुलनशील है, तो इसे बहुत सरलता से अलग कर लिया जाता है। इस प्रकार बनी एस्पिरिन अभी अशुद्ध crude aspirin है। इसे शुद्ध करने के लिए गर्म इथेनॉल में इस कच्चे उत्पाद का रीक्रिस्टलाइज़ेशन किया जाता है।

जेनरिक नाम: ऐसिटाईलसैलिसिलिक एसिड acetylsalicylic acid

क्लास: Anticoagulants, Anti platelets & Fibrinolytics (Thrombolytics) / Nonsteroidal Anti-Inflammatory Drugs (NSAIDs)

तीसरी तिमाही में प्रेगनेंसी केटेगरी (when taken in full dose):

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केटेगरी डी Category D – मानव भ्रूण पर इस दवा का प्रतिकूल असर positive evidence of human fetal risk होता है।

एस्पिरिन के चिकित्सीय प्रयोग

  • दर्द Mild to moderate pain
  • जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द Joint or muscular pain
  • माइग्रेन Migraine
  • बुखार Fever
  • सूजन Swelling
  • खून को पतला करने के लिए Blood thinning

कम मात्रा में इसका प्रयोग हृदय रोगों, खून का थक्का न बने आदि में किया जाता है।

इकोस्प्रिन ७५ Ecosprin-75 में एस्पिरिन की मात्रा 75 mg की होती है। Ecosprin AV 75/10 and 75/20, में एस्पिरिन 75 mg के साथ एटोरवास्टेटिन atorvastatin क्रमशः 10 mg और 20 mg की मात्रा में होता है।

इसी प्रकार से उपलब्ध दवा Ecosprin AV 150/20 mg में एस्पिरिन 150 mg और एटोरवास्टेटिन atorvastatin 20 mg की मात्रा में होता है। ये दवाएं एंटीप्लेटलेट होती है और खून का थक्का बनने से रोकती हैं। इन्हें स्ट्रोक के खतरे, स्टंट लगने पर, दर्द और सूजन से राहत के लिए तथा बुखार में डॉक्टर के निर्देश से लिए जाता है।

एस्पिरिन की सेवन मात्रा

  • एस्पिरिन या ऐसिटाईलसैलिसिलिक एसिड, 75 mg, 100 mg, 300 mg, 500 mg की टेबलेट के रूप में उपलब्ध है।
  • वयस्क इसकी 3 से 6 ग्राम की मात्रा एक दिन में, चार खुराकें कर के, ले सकते है।
  • बच्चे, जिनका वज़न 20 kg से ज्यादा है को, इसकी 25 to 1000 mg/kg/day in 4 divided doses दी जा सकती है।
  • बुखार में इसका सेवन १-३ दिन तक किया जाता है। इसकी 325-650 mg की गोली हर 4-6 घंटे पर ली जाती है। एक दिन में 4 ग्राम से ज्यादा की मात्रा बुखार के दौरान नहीं ली जानी चाहिए।
  • जोड़ों के विकारों में musculoskeletal and joint disorders इसकी शुरू में 2.4-3.6 ग्राम की मात्रा / दिन और रखरखाव के लिए 3.6-5.4 ग्राम / दिन दी जाती है।
  • माइग्रेन में इसकी 300-500 mg की गोली ली जा सकती है।

एक दिन में ली जा सकने वाली मात्रा

बड़ों के लिए इसकी एक दिन में ली जाने वाली अधिकतम मात्रा 6 gram और बच्चों के लिए वज़न के अनुसार, 100 mg / kg /day है।

Contraindications, Precautions and Side effects

  1. जिन्हें एस्पिरिन से एलर्जी हो, पेप्टिक अल्सर हो, हेमरेज की समस्या हो वे इसका सेवन न करें।
  2. जिन्हें अस्थमा की शिकायत हो, वे इसका सावधानी से प्रयोग करें।
  3. एस्पिरिन शिशुओं को नहीं दी जाती।
  4. इसे अतिसंवेदनशीलता, सक्रिय पेप्टिक अल्सर, अस्थमा, पित्ती, गर्भावस्था की तीसरी तिमाही,12 वर्ष से छोटे बच्चे, हीमोफीलिया या रक्तस्रावी रोग, गठिया, गंभीर गुर्दे या यकृत रोग, आदि में प्रयोग नहीं करना है।
  5. निर्देशित मात्रा से ज्यादा का सेवन हानिकारक है। यह एलर्जी, पेट में दर्द, अल्सर, हेमरेज, चक्कर आना, कान में आवाज़ आना आदि दिक्कतें पैदा करता है।
  6. डेंगू के मौसम में बुखार के लिए एस्पिरिन का प्रयोग बिलकुल न करें। डेंगू के बुखार में हेमरेज हो सकता है। एस्पिरिन का सेवन खून को पतला करता है, थक्का नही जमने देता और इसलिए यह रक्तस्राव की संभावना को बढ़ा देता है।
  7. इसे दूसरी एंटीकोगुलेंट, और सूजन दूर करने वाली दवाओं के साथ न लें।
  8. इसे खाली पेट न लें।
  9. इसे बहुत सारे पानी के साथ लें।
  10. इसे फुल डोज़ में गर्भावस्था न लेने की सलाह है। कुछ मामलों में कम मात्रा में इसे डॉक्टर दे सकते हैं।
  11. स्तनपान के दौरान इसे न लें।
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