नीम Neem tree Information and Uses in Hindi
गूलर Information and Medicinal Uses of Gular
सहजन की पत्तियों(Moringa Leaves) के पाउडर के लाभ
अश्वगंधा Ashwagandha detail, benefits and uses in Hindi

व्योषादि गुग्गुलु (नवक गुग्गुलु) Navaka Guggulu Detail and Uses in Hindi

व्योषादि गुग्गुलु की तासीर गर्म है और इस गुण के कारण यह कफ, कोलेस्ट्रोल, लिपिड और ट्राईग्लीसिराइड्स को कम करता है। अपने रूक्ष और हल्के गुण के कारण यह शरीर में फैट को कम करता है। यह वात-कफ को कम करता है और पित्त को बढ़ाता है। इस दवाई का मुख्य घटक व्योष है। व्योष, त्रिकटु को कहते है।

फिटकरी Alum Information, Benefits and 20 Medicinal Uses in Hindi

By Miansari66 (Own work) [Public domain], via Wikimedia Commons

फिटकरी के बारे में भारतीयों को जानकारी बहुत ही प्राचीन समय से थी। भारत में चिकित्सा के लिए इसका प्रयोग आयुर्वेद में किया जाता रहा है। चरक संहिता में भी इसके प्रयोग का वर्णन पाया जाता है। रत्न समुच्चय ग्रन्थ में इसे तुवरी कहा गया है। रसतरंगिणी में इसे पित्त-कफ नाशक, ज्वरनाशक, आँखों के रोगों में लाभप्रद, खूनके बहने को रोकने वाली, मुख के रोगों, कान रोगों और नाक से खून बहने से रोकने वाली माना गया है।

बैद्यनाथ वीटा-एक्स गोल्ड स्वर्ण युक्त Baidyanath Vita-Ex Gold Capsules Detail and Uses in Hindi

यह दवा एक रसायन है जो की शरीर में ओज, तेज, और शक्ति की वृद्धि करती है। यह दवा पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को सही करने और यौन कमजोरी को दूर करने में उपयोगी है। इसका २-३ महीने तक लगातार प्रयोग करने से वजन बढता है, शरीर में ताकत आती है और यौन कमजोरी दूर होती है। यह कामोत्तेजक है और सेक्स की इच्छा को बढाने वाली दवा है।

Kokam Soup जानिये कोकम सूप के फायदे

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कोकम सूप दस्त, दिल, सूजन, पाईल्स और पेट के कीड़ो की समस्या में बहुत उपयोगी होता है। इसे त्वचा पर दानों से आराम पाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है क्यों की यह anti alergic की तरह भी काम करता है.

शरीफा Medicinal Uses and Health Benefits of Custard Apple or Sharifa

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शरीफे के पेड़ के न केवल फलों बल्कि इसके पत्तों, बीजों और जड़ों का प्रयोग दुनिया के बहुत से देशों में दवाई की तरह होता है। शरीफे के पत्तों और बीजों में अल्कालॉयड alkaloid, रेसिन, और तेल होता है। इसमें पाया जाने वाला तेल विष है।

चिरायता Chirata Herb (Swertia Chirata) in Hindi

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चिरायता को बहुत पुराने समय से आयुर्वेद में दवाई की तरह प्रयोग किया जाता रहा है। चरक और सुश्रुत में पूरे पौधे का पेस्ट / काढ़ा, रक्त साफ़ करने के लिए, विष के उपचार में, पुराने चमड़ी के रोगों, सूजन, बुखार, खांसी, आंतरिक रक्तस्राव, और पेशाब के रोगों में प्रयोग किया। इसका सेवन माँ के दूध से गंदगी को दूर करता है। बुखार में इसे धनिया की पत्तियों के साथ लिया जाता है।

जिंक सल्फेट Zinc Sulfate in Hindi

जिंक या जस्ता बच्चे के समग्र स्वास्थ्य और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। दस्त के दौरान बहुत सा जिंक शरीर से निकल जाता है। जिंक शरीर में बहुत से महत्वपूर्ण काम करता है। यह बढ़वार, इम्युनिटी, प्रोटीन संश्लेषण, और घाव के ठीक होने मदद करता है।इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और शरीर को भिन्न रोगों से बचाता है।

निशोथ / त्रिवृत Nishoth (Ipomoea turpethum) in Hindi

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इसे आयुर्वेद में मुख्य रूप से एक विरेचक laxative के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके अधिक मात्रा में प्रयोग से बहुत अधिक विरेचन purgation होता है। भारत में पाये जाने वाले निशोथ को इंडियन जलापा Indian Jalapa भी कहते है। इसके गुणधर्म, संघटक ट्रू जलापा True Jalapa जैसे ही है।

सेब का सिरका Apple Cider Vinegar in Hindi

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सेब का सिरका एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसमें बीटा कैरोटीन, विटामिन A, B1, B2, B6, C और E पाया जाता है। इसमें मिनरल्स कैल्शियम, मैगनिशियम, फॉस्फोरस, सल्फर कॉपर, सिलिका, आदि पाए जाते हैं। इसमें पेक्टिन होने के कारण यह पाचन को ठीक करता है, कोलेस्ट्रोल को कम करता है और शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालता है। क्योंकि यह एक सिरका है यह यूरिक एसिड uric acid को कम करता है जो की जोड़ों में जमा रहता है।

एस्पिरिन Aspirin Detail in Hindi

एस्पिरिन और सैलिसिलिक एसिड का प्रयोग दवा के रूप में हजारों साल से होता आया है। लगभग 2400 साल पहले, हिप्पोक्रेट्स, प्राचीन यूनानी चिकित्सक, जिन्हें आधुनिक चिकित्सा का जनक माना जाता है, ने विलो पेड़ की छाल को नेत्र रोगों और दर्द के इलाज़ के लिए प्रयोग किया। विलो पेड़ों की छाल में सैलिसिलिक एसिड होता है तथा सैलिसिलिक शब्द को भी विलो पेड़ों के जीनस सेलिक्स Salix, से लिया गया है।